| वैश्यपुरा | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 120 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 23 हेक्टर |
| मौर्या बस्ती | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 110 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 20 हेक्टर |
| नई बस्ती | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 109 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 19 हेक्टर |
| वराहीपुर | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 100 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 15 हेक्टर |
| मधुकरपुर | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 113 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 13 हेक्टर |
| धरमपुर | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 108 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 8 हेक्टर |
| सेमुआवीर | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 120 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 23 हेक्टर |
| यदियां | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 105 हेक्टर गाँव समाज भूमि: 15 हेक्टर |
| जाल्हुपुर बाजार | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 106हेक्टर गाँव समाज भूमि: 14 हेक्टर |
| अम्बा (पूर्वी छोर) | भौगोलिक क्षेत्रफल : पठारी कृषि योग्य भूमि : 107हेक्टर गाँव समाज भूमि: 16 हेक्टर |
पट्टा
कैसे ले पट्टा
पट्टा(व्यावसायिक या आवासीय) लेने के लिए सबसे पहले ग्राम पंचायत को संबंधित व्यक्ति द्वारा पट्टा लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाता है।
उसके बाद ग्राम पंचायत की साधारण मीटिंग या ग्राम सभा में पट्टे का मामला रखा जाता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को पट्टा मिले या नहीं इसके संबंध में प्रस्ताव लिया जाता है।
ग्राम पंचायत दो पंचों को जांच के लिए नियुक्त करेगी जो मौके पर जांच कर रिपोर्ट ग्राम पंचायत को देंगे।
पूरी तरह सही पाए जाने के बाद सरपंच प्रार्थि को पट्टा जारी करेगा।
नामांतरण
क़्या है नामांतरण
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खातेदार के नाम में ही जैसे विरासत,बेचान, न्यायालय निर्णय या दुरूस्तीकरण आदि मे परिवर्तन ही नामांतरण हैं। ग्राम पंचायत विरासतन एवं विक्रय के नामांतरण के निर्णय करने में सक्षम हैं